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Thursday, June 8, 2023

अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष के अरमान भागलपुर पुल की तरह पानी में बह जाएंगे: BJP

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी 23 जून को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक के मद्देनजर अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वे भले ही एक दूसरे में सहारा ढूंढ रहे हों. लेकिन वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके अरमान उसी प्रकार बह जाएंगे, जिस प्रकार बिहार के भागलपुर में 1,750 करोड़ रुपये का पुल पानी में बह गया.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर भारतीय लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए ‘बाहरी ताकतों' के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया और दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही इस प्रकार की गतिविधियों का बढ़ना इस बात का संकेत है कि ‘सत्ता की भूख' में वह देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर चोट करने को आमादा है.

केंद्रीय महिला एंव बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री ईरानी ने अपने अधीन मंत्रालयों में पिछले नौ साल के दौरान शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियां गिनाने के बाद यहां पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि कैसे कांग्रेस का नेतृत्व भारत के लोकतंत्र पर चोट करने के लिए ‘बाहरी ताकतों का इस्तेमाल' कर रहा है.''

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे चुनाव पास आ रहा है, वैसे-वैसे कांग्रेस के नेताओं की इस प्रकार की गतिविधि का बढ़ना, अपने आप में इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सत्ता की भूख में अपने देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर चोट करने के लिए आमादा है." ईरानी ने सवाल किया, ‘‘इतने बेचैन क्यों हैं गांधी खानदान के लोग?''

बिहार की राजधानी पटना में प्रस्तावित विपक्षी दलों की बैठक से जुड़े एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो विपक्षी दल अपने पैरों पर खड़ा होने में विफल रहे हैं वह एक दूसरे में सहारा ढूंढ रहे हैं. उन्होंने भागलपुर में पुल ढहने की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अभी 1750 करोड़ रूपये की लागत का एक पूरा ढांचा वहां पानी में बह गया. उनके अरमान भी 2024 में इसी प्रकार बह जाएंगे, यह मेरा विश्वास है.''

पुल ढहने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना हो रही है. गंगा नदी पर बना पुल रविवार को ढह गया था. राज्य सरकार ने भवन निर्माण विभाग को घटना की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है. 

राहुल के ‘मुहब्बत की दुकान' नारे पर तंज कसते हुए ईरानी ने सवाल किया कि यह कैसी मुहब्बत है जो हिन्दू जीवन पद्धति पर कटाक्ष करे, सिखों का नरसंहार करे, कोयला और चारा लूटने वालों के साथ हाथ मिलाए, जो संसद में स्थापित सैंगोल का अपमान करें और संसद का बहिष्कार करें? उन्होंने कहा, ‘‘यह कैसी मुहब्बत है जो देश के लिए नहीं बल्कि आपकी राजनीति के लिए है.''

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘सेवा' की भावना की सराहना करते हुए सवाल किया कि क्या यह मुहब्बत प्रधानमंत्री मोदी के लिए नहीं है.'' ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अगर प्रधानमंत्री मोदी के लिए कुछ अच्छा कहे तो यह आश्चर्य का विषय होगा. PM नरेन्द्र मोदी की छवि पर हमला करना कांग्रेस की फितरत है और कांग्रेस की 'मुहब्बत' उनके लिए नहीं है.''

केंद्र और राज्यों के बीच बिगड़ते संबंधों के बारे में कांग्रेस के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के दो मुख्यमंत्रियों ने हाल ही में नीति आयोग की बैठक में भाग लिया था, जिसमें PM मोदी ने भी भाग लिया था. विपक्षी पार्टी द्वारा उन पर अक्सर किए जाने वाले हमलों के बारे में पूछे जाने पर ईरानी ने कहा कि अगर वह उन्हें निशाना बनाना बंद कर दे तो सूर्य दक्षिण में उगेगा.

भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर राहुल गांधी के हालिया बयान पर ईरानी ने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता में हर वर्ग है और उसने सभी वर्गों व समुदायों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं व कार्यक्रमों में वित्तीय आवंटन सुनिश्चित किया है.

उन्होंने सवाल किया कि जो अपने आप को ‘मुस्लिम समुदाय का संरक्षक' बताता है उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनकी सरकार में अल्पसंख्यकों के कल्याण पर कितना खर्च किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में राष्ट्रीय-सह-साधन योग्यता छात्रवृत्ति पर खर्च 860 करोड़ रुपये था जबकि मोदी सरकार के तहत यह 2,691 करोड़ रुपये है.''

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के तहत एक और आवंटन के बारे में उन्होंने कहा कि यह संप्रग सरकार के 12,000 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 31,450 करोड़ रुपये हो गया है. ईरानी ने कहा कि ये आंकड़े कांग्रेस के बारे में सच्चाई बताते हैं. मोदी सरकार के पिछले नौ वर्षों में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सफलताओं को रेखांकित करते हुए ईरानी ने कहा कि 18 मंत्रालयों को शामिल करते हुए पहली बार पोषण अभियान शुरू किया गया और बच्चों के स्वास्थ्य का लगातार आकलन करने के लिए हर आंगनवाड़ी केंद्र में मापने के उपकरण उपलब्ध कराए गए.

उन्होंने कहा कि देश में हर आंगनवाड़ी केंद्र स्मार्ट फोन से जुड़ा हुआ है और अब तक श्रमिकों के बीच 11 लाख स्मार्ट फोन वितरित किए गए हैं, जबकि नौ करोड़ से अधिक लाभार्थी 'पोषण ट्रैकर' योजना का लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की जरूरतों को पूरा करने वाले प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने के उनके मंत्रालय के प्रयास के तहत 12 लाख से अधिक कथित यौन अपराधियों का डेटा तैयार किया गया है.

ईरानी ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है और अब तक 27 करोड़ से अधिक जन धन बैंक खाते खोले गए हैं और महिलाओं के बीच 27.7 करोड़ मुद्रा ऋण वितरित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है जबकि सुकन्या समृद्धि बैंक खाते 3.18 करोड़ बालिकाओं के लिए खोले गए हैं.

उन्होंने कहा कि देश भर के पुलिस थानों में महिलाओं के लिए 13,550 से अधिक हेल्प डेस्क खोले गए हैं और अपराधों की पीड़ित महिलाओं के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए 1,023 से अधिक फास्ट ट्रैक अदालतें बनायी गयी हैं.



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